खाटू नरेश की जय कहो, जय जय शीश के दान।
कलयुग के अवतारी प्रभु, तुम हो कृपा निधान॥
खाटू नरेश की जय बोलो, शीश के दानी की जय बोलो।
हारे के सहारे की जय बोलो, मेरे लखदातारी की जय बोलो॥
खाटू नरेश की जय बोलो॥
नीले घोड़े पर सज धज के, आया खाटू वाला।
हाथ में मोरछड़ी लहराए, मुखड़ा भोला भाला॥
दर्शन करके कटेंगे पाप, अंतर की आँखें खोलो।
खाटू नरेश की जय बोलो॥
जिसने लगाई अर्जी यहाँ, उसकी बिगड़ी बन गई।
सूखी पड़ी थी बगिया जिसकी, वो खुशियों से भर गई॥
सारे जग में डंका बाजे, जय श्री श्याम तुम बोलो।
खाटू नरेश की जय बोलो॥
कन्हैया मित्तल गाए संकीर्तन, झूमे सारा जहान।
खाटू वाले बाबा की, महिमा बड़ी महान॥
खाटू नरेश की जय बोलो, शीश के दानी की जय बोलो॥
जयकारा वीर बर्बरीक का, गूँजे सकल जहान।
कन्हैया मित्तल शरण में, जय जय श्याम सुजान॥