खाटू नगरी बड़ी प्यारी लागे श्याम धणी को धाम

पूजा सखी
अन्य भजन भजन पूजा सखी
॥ दोहा ॥

खाटू सम तीरथ नहीं, श्याम सम नहीं देव।
पूजा सखी शरण पड़ी, करे नित्य ही सेव॥

॥ चौपाई ॥

खाटू नगरी बड़ी प्यारी लागे, श्याम धणी को धाम।
जहाँ बैठ के दुखड़े हरते, मेरे बाबा श्याम॥
खाटू नगरी बड़ी प्यारी लागे॥

तोरण द्वार पे शीश झुका के, श्याम कुंड में न्हाए।
कदम कदम पर जय श्री श्याम के, पावन जयकारे गाए॥
दर्शन पाके खिल जाए मन, मिटे सकल संताप।
खाटू नगरी बड़ी प्यारी लागे॥

सज रहा मंदिर सोने जैसा, हीरे मोती चमकें।
श्याम धणी की पावन झांकी, नैनों के पट खटकें॥
मोरछड़ी का झाड़ा पाके, बन जाएं बिगड़े काम।
खाटू नगरी बड़ी प्यारी लागे॥

पूजा सखी कहे खाटू नगरी, संतों की है टोली।
हर ग्यारस पर भर जाती है, भक्तों की सब झोली॥
जनम जनम का फेरा छूटे, जपो श्याम को नाम।
खाटू नगरी बड़ी प्यारी लागे, श्याम धणी को धाम॥

॥ दोहा ॥

खाटू धाम सुहावनो, महिमा अपरम्पार।
पूजा सखी वंदन करे, जय जय लखदातार॥

सरल हिंदी भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व

खाटू धाम, तोरण द्वार, श्याम कुंड और लखदातार के भव्य दरबार का भावपूर्ण दर्शन।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।