सुख का सागर श्याम प्रभु, दुख भंजन सुखकार।
सदा सहायक दीन के, जय जय जय सरकार॥
खाटू के श्याम बड़ा सुख धाम, जप ले तू इनका नाम।
सारे बिगड़े काम सँवरेंगे, मिट जाएंगे सब संताप॥
खाटू के श्याम बड़ा सुख धाम॥
कलयुग में साक्षात विराजें, शीश के दानी बाबा।
तीनों लोक में नाम गूँजता, महिमा इनकी गाता॥
जो भी इनकी शरण में आया, उसने अमृत पाया।
खाटू के श्याम बड़ा सुख धाम॥
मोरछड़ी का झाड़ा लागे, भाग जगाने वाला।
दुखियों का उद्धार करे ये, मेरा खाटू वाला॥
झोली भर भर के सुख बाँटे, ऐसा ये मतवाला।
खाटू के श्याम बड़ा सुख धाम॥
संजय मित्तल गाए वंदना, खाटू धाम निराला।
तेरे चरणों में शीश झुकाऊँ, हे नंदनंदन लाला॥
खाटू के श्याम बड़ा सुख धाम, जप ले तू इनका नाम॥
सुख धाम खाटू नगरी, श्याम प्रभु भगवान।
संजय मित्तल नित भजे, पावे पद निर्वाण॥