खाटू का राजा सांवरिया हमारा है

संजय मित्तल
अन्य भजन भजन संजय मित्तल
॥ दोहा ॥

राजाओं का राजा वो, खाटू का अधिपति।
जिसके चरणों में नमन, करते सुर नर यति॥

॥ चौपाई ॥

खाटू का राजा सांवरिया हमारा है, तीनों लोकों में इसका नज़ारा है।
खाटू का राजा सांवरिया हमारा है॥

नीले घोड़े पर होकर सवार, आया दुखियों का करने उद्धार।
हाथ में मोरछड़ी चमकाए, भक्तों के सारे कष्ट मिटाए॥
दीन दुखी का यही सहारा है, खाटू का राजा सांवरिया हमारा है॥

द्वार पे इसके जो भी आया, खाली झोली भर के ले जाया।
कैसा ये दानी कैसा ये प्यारा, कलयुग में जिसने जग को उबारा॥
अमृत का पावन ये फव्वारा है, खाटू का राजा सांवरिया हमारा है॥

संजय मित्तल कहे गर्व से, प्यार मिला हमको इस रब से।
जब तक सांस रहेगी तन में, श्याम बसेंगे मेरे मन में॥
खाटू का राजा सांवरिया हमारा है, तीनों लोकों में इसका नज़ारा है॥

॥ दोहा ॥

जय हो खाटू के भूप की, जय जय जय महाराज।
संजय मित्तल गावती, सँवरें सबके काज॥

सरल हिंदी भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व

खाटू के राजाधिराज बाबा श्याम के गौरवशाली वैभव, नीले घोड़े की सवारी और भक्तों के प्रति अपार वात्सल्य का जयघोष करता यह ऊर्जावान भजन है।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।