राजाओं का राजा वो, खाटू का अधिपति।
जिसके चरणों में नमन, करते सुर नर यति॥
खाटू का राजा सांवरिया हमारा है, तीनों लोकों में इसका नज़ारा है।
खाटू का राजा सांवरिया हमारा है॥
नीले घोड़े पर होकर सवार, आया दुखियों का करने उद्धार।
हाथ में मोरछड़ी चमकाए, भक्तों के सारे कष्ट मिटाए॥
दीन दुखी का यही सहारा है, खाटू का राजा सांवरिया हमारा है॥
द्वार पे इसके जो भी आया, खाली झोली भर के ले जाया।
कैसा ये दानी कैसा ये प्यारा, कलयुग में जिसने जग को उबारा॥
अमृत का पावन ये फव्वारा है, खाटू का राजा सांवरिया हमारा है॥
संजय मित्तल कहे गर्व से, प्यार मिला हमको इस रब से।
जब तक सांस रहेगी तन में, श्याम बसेंगे मेरे मन में॥
खाटू का राजा सांवरिया हमारा है, तीनों लोकों में इसका नज़ारा है॥
जय हो खाटू के भूप की, जय जय जय महाराज।
संजय मित्तल गावती, सँवरें सबके काज॥