केतु मन्त्र

पारंपरिक
अन्य मंत्र Mantra Ketu Mantra Mantra
॥ पावन पाठ ॥

1. केतु मूल मन्त्र

ॐ कें केतवे नमः।

2. केतु बीज मन्त्र

ॐ स्रां स्रीं स्रौं सः केतवे नमः।

3. केतु गायत्री मन्त्र

ॐ गदाहस्ताय विद्महे अमृतेशाय धीमहि

तन्नः केतुः प्रचोदयात्॥

4. केतु प्रणाम मन्त्र

ॐ पलाशपुष्पसङ्काशं तारकाग्रहमस्तकम्।

रौद्रं रौद्रात्मकं घोरं तं केतुं प्रणमाम्यहम्‌॥

5. केतु ध्यान मन्त्र

अनेक रुपवर्णश्र्व शतशोऽथ सहस्रशः।

उत्पात रूपी घोरश्र्व पीड़ा दहतु मे शिखी॥

6. केतु एकाक्षरी मन्त्र

॥ दोहा ॥

दुं॥

सरल हिंदी भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व

Ketu Mantra | केतु मन्त्र

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।