केडिया गलाह दा तैणु

गुरु नानक देव जी
विष्णु भगवान भजन Bhajan Baba Balaknath Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

केडिया गलाह डा तैणु वट वो,

मुख बोल पोनाहरिया

केडिया गलाह डा तैणु वट वो,

मुख बोल पोनाहरिया

जे में हुँदा सुनियारा दा बेटा,

सिंगी बना के लियांदा

सिंगी बना के लियांदा रख वो ,

मुख्यो बोल पोनाहरिया ।

केडिया गलाह डा तैणु वट वो,

मुख बोल पोनाहरिया

जे में हुँदा तरखाना दा बेटा,

खड़ोह बना के लियांदा

खड़ोह बना के लियांदा रख वो ,

मुख्यो बोल पोनाहरिया ।

केडिया गलाह डा तैणु वट वो,

मुख बोल पोनाहरिया

जे में हुँदा लुहारा दा बेटा,

चिमटा बना के लियांदा

चिमटा बना के लियांदा रख वो ,

मुख्यो बोल पोनाहरिया ।

केडिया गलाह डा तैणु वट वो,

मुख बोल पोनाहरिया

जे में हुँदा बजाजइया दा बेटा,

चोहली बना के लियांदा

चोहली बना के लियांदा रख वो ,

मुख्यो बोल पोनाहरिया ।

केडिया गलाह डा तैणु वट वो,

मुख बोल पोनाहरिया

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।