कीर्तन की है रात बाबा आज थाने आनो है

पूजा सखी
अन्य भजन भजन पूजा सखी
॥ दोहा ॥

दीप जले अगरबत्ती महके, सज्यो है दरबार।
पूजा सखी जोहवे बाट, आजाओ लखदातार॥

॥ चौपाई ॥

कीर्तन की है रात बाबा आज थाने आनो है।
थाने आनो है बाबा थाने आनो है॥
कीर्तन की है रात बाबा आज थाने आनो है॥

इत्र गुलाब छड़क्यो दरबार में।
छप्पन भोग सजायो थारे थाल में॥
भक्तों की ये अरदास बाबा थाने निभानो है।
कीर्तन की है रात बाबा आज थाने आनो है॥

नीले घोड़े पे हो के सवार।
आ जाओ मेरे लखदातार॥
प्रेम का अमृत रस बाबा थाने बरसाणो है।
कीर्तन की है रात बाबा आज थाने आनो है॥

पूजा सखी गावे थारी आरती सुहानी।
दर्शन दे जाओ म्हारे श्याम धणी दानी॥
भक्ति की इस पावन ज्योति को जगाणो है।
कीर्तन की है रात बाबा आज थाने आनो है॥

॥ दोहा ॥

कीर्तन में पधारो प्रभु, लीले चढ़ दातार।
पूजा सखी न्योछावर करे, कोटि कोटि जोहार॥

सरल हिंदी भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व

श्याम बाबा के कीर्तन में नीले के असवार को पधारने और भक्तों पर अमृत वर्षा करने का हार्दिक आमंत्रण।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।