कार्तिकेय गायत्री मंत्र

पारंपरिक
श्री राम मंत्र Mantra Kartikeya Gayatri Mantra Mantra
॥ पावन पाठ ॥

कार्तिकेय गायत्री मंत्र का नियमित जाप करने से एक योद्धा जैसी मानसिकता विकसित होती है, जिसमें आक्रामकता के बजाय ज्ञान होता है—बुद्धि द्वारा निर्देशित शक्ति।

ॐ तत्पुरुषाय विद्महे

महा सेनाय धीमहि

तन्नो स्कन्दः प्रचोदयात् ॥

Santo Ki Vani Lyrics

ॐ श्री कार्तिकेय नमः

कार्तिकेय गायत्री मंत्र का जाप कैसे करें:

समय: सुबह (ब्रह्म मुहूर्त) या मंगलवार/शुक्रवार

गिनती: रुद्राक्ष या चंदन की माला से 108 बार जाप करें

दिशा: पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके जाप करें

आस्था: शांत मन और श्रद्धा से जाप करें

सरल हिंदी भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व

कार्तिकेय गायत्री मंत्र | Kartikeya Gayatri Mantra

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।