कर्पूरगौरं करुणावतारं

पारंपरिक
श्री राम मंत्र Mantra Shiv Mantra
॥ पावन पाठ ॥

कर्पूरगौरं करुणावतारं,

संसारसारम् भुजगेन्द्रहारम् ।

सदावसन्तं हृदयारविन्दे,

भवं भवानीसहितं नमामि ॥

हिन्दी अनुवाद:

शरीर कपूर की तरह गोरा है, जो करुणा के अवतार है, जो शिव संसार के मूल हैं। और जो महादेव सर्पराज को गले में हार के रूप में धारण किए हुए हैं, ऐसे हमेशा प्रसन्न रहने वाले भगवान शिव को अपने ह्रदय कमल में शिव-पार्वती को एक साथ नमस्कार करता हूँ।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।