कारोबार मेरो बालाजी चलावे

पारंपरिक
हनुमान जी भजन Bhajan Hanuman Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

कारोबार मेरो बालाजी चलावे,

मेरी बैलेंस शीट बालाजी बणावे,

जिमे कदे भी घाटों आवे ना,

आवे ना,

कारोबार मेरो बालाजी चलावें,

मेरी बैलेंस शीट बालाजी बणावे ॥

मैं तो कीर्तन में रम जाऊँ,

मेरी गद्दी पे बाबो विराजे,

मुझे चिंता फिकर है क्या की,

घोटे वालो है जद म्हारे सागे,

लेणे देणे को हिसाब,

राखे हाथा में ही आप,

मेरी रोकड़ियो रोज मिलावे जी,

मिलावे जी,

कारोबार मेरो बालाजी चलावें,

मेरी बैलेंस शीट बालाजी बणावे ॥

मेरे धंदे में लागत कुछ ना,

पर फिर भी है मुझको सवाई,

मैं बैठ्यो मौज उड़ाउँ,

करूँ राम नाम की कमाई,

मेरो साथी लखदातार,

मेरा भरया रहे भंडार,

मेरी विपदा में आड़ो आवे जी,

आवे जी,

कारोबार मेरो बालाजी चलावें,

मेरी बैलेंस शीट बालाजी बणावे ॥

अन्न धन लक्ष्मी को दाता,

मेरो बाबो सालासर वालो,

मैं ‘हर्ष’ भला क्या सोचूं,

मेरी बगिया को है यो रखवालो,

मेरे बाबा की के बात,

राखे सिर पर मेरे हाथ,

मेरा पग पग पे साथ निभावे जी,

निभावे जी,

कारोबार मेरो बालाजी चलावें,

मेरी बैलेंस शीट बालाजी बणावे ॥

कारोबार मेरो बालाजी चलावे,

मेरी बैलेंस शीट बालाजी बणावे,

जिमे कदे भी घाटों आवे ना,

आवे ना,

कारोबार मेरो बालाजी चलावें,

॥ दोहा ॥

मेरी बैलेंस शीट बालाजी बणावे ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।