कर दो दूर प्रभु, मेरे मन में अँधेरा है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन Bhajan Shri Ram Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

कर दो दूर प्रभु,

मेरे मन में अँधेरा है,

जब से तेरी लगन लगी,

हुआ मन में सवेरा है,

कर दों दुर प्रभु,

मेरे मन में अँधेरा है ॥

हरी तुमसे बिछड़े हुए,

कई युग बीत गए,

अब आन मिलो प्रियतम,

मेरे मन में प्यार तेरा है,

कर दों दुर प्रभु,

मेरे मन में अँधेरा है ॥

इतना तो बता दो मुझे,

मेरी मंज़िल है कहाँ,

अब ले चलो मुझको,

जहाँ संतो का डेरा है,

कर दों दुर प्रभु,

मेरे मन में अँधेरा है ॥

दर्शन पाये बिना,

दर से हटेंगे नहीं,

अब हमने डाल लिया,

तेरे दर पे डेरा है,

कर दों दुर प्रभु,

मेरे मन में अँधेरा है ॥

जब से तेरी लगन लगी,

मेरे मन की कलियाँ खिलीं,

अब जाग उठी किस्मत,

हुआ दर्शन तेरा है,

कर दों दुर प्रभु,

मेरे मन में अँधेरा है ॥

SantoKiVani Lyrics

कर दो दूर प्रभु,

मेरे मन में अँधेरा है,

जब से तेरी लगन लगी,

हुआ मन में सवेरा है,

कर दों दुर प्रभु,

॥ दोहा ॥

मेरे मन में अँधेरा है ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।