कन्हैया कन्हैया पुकारा करेंगे लताओं में ब्रज की गुजारा करेंगे

इंद्रेश जी महाराज
श्री कृष्ण भजन भजन इंद्रेश जी महाराज
॥ दोहा ॥

ब्रज की लता पता विषे, बसत अलौकिक श्याम।
इंद्रेश मन मगन रहे, जपत निरंतर नाम॥

॥ चौपाई ॥

कन्हैया कन्हैया पुकारा करेंगे।
लताओं में ब्रज की गुजारा करेंगे॥
कन्हैया कन्हैया पुकारा करेंगे॥

कभी तो मिलोगे वो बांके बिहारी।
इन्हीं आंसुओं से चरण पखारेंगे॥
कन्हैया कन्हैया पुकारा करेंगे॥

बना करके मन को प्रेम की वीणा।
तेरे ही तराने सुधारा करेंगे॥
लताओं में ब्रज की गुजारा करेंगे॥

इंद्रेश कहे छोड़ संसार सारा।
तेरी ही शरण में गुजारा करेंगे॥
कन्हैया कन्हैया पुकारा करेंगे।
लताओं में ब्रज की गुजारा करेंगे॥

॥ दोहा ॥

ब्रज रज में लोटन मिले, नयनों सांवरो रूप।
इंद्रेश जीवन सफल भयो, पायो प्रेम अनूप॥

सरल हिंदी भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व

ब्रज की कुंज गलियों और लताओं के मध्य केवल श्री कृष्ण के नाम पुकारते हुए जीवन बिताने की दिव्य विरहानुभूति।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।