कण-कण में है राम समाया, जान सके तो जान

पारंपरिक
श्री राम भजन Bhajan Arya Samaj Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

मंदिर-मंदिर जाकर प्राणी,

ढूंढ रहा भगवान,

कण-कण में है राम समाया,

जान सके तो जान,

कण-कण में है राम समाया,

जान सके तो जान ॥

मंदिर-मंदिर जाकर प्राणी,

ढूंढ रहा भगवान,

कण-कण में है राम समाया,

जान सके तो जान,

कण-कण में है राम समाया,

जान सके तो जान ॥

एक ईश्वर की खातिर,

लाखो मंदिर अच्छे-अच्छे,

कड़ी धुप में छाया खातिर,

बिलख रहे है बच्चे,

उसके अंदर बोल रहे प्रभु,

उसको तो पहचान ॥

मंदिर-मंदिर जाकर प्राणी,

ढूंढ रहा भगवान,

कण-कण में है राम समाया,

जान सके तो जान,

कण-कण में है राम समाया,

जान सके तो जान ॥

पत्थर पे हो नाम हमारा,

करे दिखावा दान,

दरिद्र बन के जांच रहा है,

नारायण भगवान,

लेके कटोरा हाथ फैलाये,

उधर करो कुछ ध्यान ॥

मंदिर-मंदिर जाकर प्राणी,

ढूंढ रहा भगवान,

कण-कण में है राम समाया,

जान सके तो जान,

कण-कण में है राम समाया,

जान सके तो जान ॥

फणी है ईश्वर,

अंदर आकर बैठा प्राण,

बाहर तू गंगाजल चढ़ावे,

अंदर मदिरा-पान,

रोज हो रहा तेरे हाथों,

ईश्वर का अपमान ॥

मंदिर-मंदिर जाकर प्राणी,

ढूंढ रहा भगवान,

कण-कण में है राम समाया,

जान सके तो जान,

कण-कण में है राम समाया,

॥ दोहा ॥

जान सके तो जान ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।