देवी काली मन्त्र

पारंपरिक
श्री राम मंत्र Mantra Sri Kali Mantra
॥ पावन पाठ ॥

1. बाईस अक्षरी श्री दक्षिण काली मन्त्र (22 अक्षरों वाला मन्त्र)

ॐ क्रीं क्रीं क्रीं हूँ हूँ ह्रीं ह्रीं दक्षिणे कालिके

क्रीं क्रीं क्रीं हूँ हूँ ह्रीं ह्रीं स्वाहा॥

2. एकाक्षरी काली मन्त्र (1 अक्षर वाला मन्त्र)

ॐ क्रीं

3. तीन अक्षरी काली मन्त्र (3 अक्षरों वाला मन्त्र)

ॐ क्रीं ह्रुं ह्रीं॥

4. पञ्चाक्षरी काली मन्त्र (5 अक्षरों वाला मन्त्र)

ॐ क्रीं ह्रुं ह्रीं हूँ फट्॥

5. षडाक्षर काली मन्त्र (6 अक्षरों वाला मन्त्र)

ॐ क्रीं कालिके स्वाहा॥

6. सप्ताक्षरी काली मन्त्र (7 अक्षरों वाला मन्त्र)

ॐ हूँ ह्रीं हूँ फट् स्वाहा॥

7. श्री दक्षिण काली मन्त्र

ॐ ह्रीं ह्रीं ह्रुं ह्रुं क्रीं क्रीं क्रीं

दक्षिणकालिके क्रीं क्रीं क्रीं ह्रुं ह्रुं ह्रीं ह्रीं॥

8. श्री दक्षिण काली मन्त्र

क्रीं ह्रुं ह्रीं दक्षिणेकालिके क्रीं ह्रुं ह्रीं स्वाहा॥

9. श्री दक्षिण काली मन्त्र

ॐ ह्रुं ह्रुं क्रीं क्रीं क्रीं ह्रीं ह्रीं

दक्षिणकालिके ह्रुं ह्रुं क्रीं क्रीं क्रीं ह्रीं ह्रीं स्वाहा॥

10. श्री दक्षिण काली मन्त्र

ॐ क्रीं क्रीं क्रीं ह्रुं ह्रुं ह्रीं ह्रीं दक्षिणकालिके स्वाहा॥

11. भद्रकाली मन्त्र

ॐ ह्रौं काली महाकाली किलिकिले फट् स्वाहा॥

12. श्री श्मशान काली मन्त्र

॥ दोहा ॥

ऐं ह्रीं श्रीं क्लीं कालिके क्लीं श्रीं ह्रीं ऐं॥

सरल हिंदी भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व

देवी काली मन्त्र | Devi Kali Mantra

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।