कहा प्रभु से बिगड़ता क्या

पारंपरिक
श्री राम भजन Bhajan Shri Ram Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

कहा प्रभु से बिगड़ता क्या,

मेरी बिगड़ी बनाने में

मजा क्या आ रहा तुमको,

मुझे दर दर घूमाने में

वे बोले क्यों मेरे पीछे,

पड़ा तू रोज रहता है,

मैं बोला, दूसरा कोई

और बता दो जमाने में

वे बोले कि हजारों हैं,

करूंगा कृपा किस किस पर

मैं बोला साफ ही कह हो,

बचा कुछ नहीं खजाने में

वे बोले होश में बोलो,

नहीं तो रूठ जाऊँगा,

मैं बोला हो बड़े माहिर,

जल्दी रूठ जाने में

कहीं कुछ साधना की है,

वो बोले तो कहा मैंने

सुना है रीझ जाते हो

फकत आंसू बहाने में

वे बोले मेरी मर्जी है

करूंगा जो भी चाहूंगा

मैं बोला कर दो परिवर्तन,

करूणानिधि कहाने में

वे बोले करुणा दया न होती

तो जन राजेश न होते

मैं बोला हर्ज फिर क्या है,

मुझे मुख छवि दिखाने में

कहा प्रभु से बिगड़ता क्या,

मेरी बिगड़ी बनाने में

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।