कब लोगे खबर भोले नाथ बड़ी देर भयी

पारंपरिक
महादेव भजन Bhajan Shiv Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

कब लोगे खबर भोलेनाथ,

बड़ी देर भयी बड़ी देर भयी,

कब लोगे खबर भोले नाथ,

चलते चलते मेरे पग हारे,

कब लोगे खबर भोलेनाथ ॥

आया हूँ में भी द्वार तुम्हारे,

अपनी झोली आज पसारे,

खाली जाऊँ भला मै केसे,

तेरेदर से हे भोलेनाथ,

बड़ी देर भयी बड़ी देर भयी ॥

अंजाना हूँ राह दिखा दो,

अब तो बाबा हाथ बढ़ालो,

मोह माया में भटका मैं प्राणी,

नही पाऊ डगर भोलेनाथ,

बड़ी देर भयी बड़ी देर भयी ॥

भक्तो को जो ठुकरावोगे,

आप बबा पछतावोगे,

खुद तुमको मनाना होगा,

रूठ जाऊँ अगर भोलेनाथ,

बड़ी देर भयी बड़ी देर भयी ॥

कब लोगे खबर भोले नाथ

बड़ी देर भयी बड़ी देर भयी,

कब लोगे खबर भोलेनाथ,

चलते चलते मेरे पग हारे,

॥ दोहा ॥

कब लोगे खबर भोलेनाथ ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।