काम कोई ऐसा ना जग में, जो करते हनुमान नहीं

संत सूरदास
श्री राम भजन Bhajan Hanuman Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

काम कोई ऐसा ना जग में,

जो करते हनुमान नहीं,

फिर भी राम के दास कहाए,

हृदय में अभिमान नहीं,

फिर भी राम के दास कहाए,

हृदय में अभिमान नहीं ॥

सूरज मुख में रखने वाले,

प्रेम का भोग लगाते है,

सागर लांघन वाले पल में,

नैया पार लगाते है,

इनका रास्ता रोक सके जो,

ऐसी कोई चट्टान नहीं,

फिर भी राम के दास कहाए,

हृदय में अभिमान नहीं ॥

लखन के प्राणों के दाता,

भक्त की रक्षा करते है,

भूत पिशाच निकट नहीं आवे,

वो हनुमान से डरते है,

ले पर्वत हाथों में उड़े जो,

ऐसा कोई बलवान नहीं,

फिर भी राम के दास कहाए,

हृदय में अभिमान नहीं ॥

तेरा समर्पण देख के हनुमत,

बांह पकड़ ले जाएंगे,

तेरे मन में भक्ति भर के,

राम का दर्श कराएंगे,

‘पंकज’ जिसने नाम जपा है,

वो खोता पहचान नहीं,

फिर भी राम के दास कहाए,

हृदय में अभिमान नहीं ॥

SantoKiVani Lyrics

काम कोई ऐसा ना जग में,

जो करते हनुमान नहीं,

फिर भी राम के दास कहाए,

हृदय में अभिमान नहीं,

फिर भी राम के दास कहाए,

॥ दोहा ॥

हृदय में अभिमान नहीं ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।