काक चेष्टा, बको ध्यानं: आदर्श विद्यार्थी के पांच लक्षण

पारंपरिक
अन्य मंत्र Mantra Vedic Mantra
॥ पावन पाठ ॥

काक चेष्टा, बको ध्यानं,

स्वान निद्रा तथैव च ।

अल्पहारी, गृहत्यागी,

विद्यार्थी पंच लक्षणं ॥

हिन्दी भावार्थ:

एक विद्यार्थी मे यह पांच लक्षण होने चाहिए..

कौवे की तरह जानने की चेष्टा,

बगुले की तरह ध्यान,

कुत्ते की तरह सोना / निंद्रा

अल्पाहारी, आवश्यकतानुसार खाने वाला

और गृह-त्यागी होना चाहिए ।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।