जो शिव को ध्याते है, शिव उनके है

पारंपरिक
महादेव भजन Bhajan Shiv Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

जो शिव को ध्याते है,

शिव उनके है,

जो शिव में खो जाते है,

जो शिव में खो जाते है,

शिव उनके है,

जो शिव को ध्याते हैं,

शिव उनके है।।

शिव को ना गर्ज कोई,

छोटी बडी बात से,

शिव तो है खुश होते,

भावना की बात से,

मानव है पाते उसे,

निश्चय से जप से,

दानव वरदान लेते,

बरसों के तप से,

जो श्रद्धा दिखाते है,

शिव उनके है,

जो शिव को ध्याते हैं,

शिव उनके है।।

निष्ठा का दूध और,

जल उनको भाए रे,

मेवा अभिमान का ना,

उनको रिझाए रे,

रावण ने पाई जिनसे,

सोने की लंका है,

उनकी दयालुता पे,

हमको ना शंका है,

जो शिव के हो जाते है,

शिव उनके है,

जो शिव को ध्याते हैं,

शिव उनके है।।

शिव ही शिवालय में,

शिव ही कैलाश में,

शिव तो है भक्तों के,

मन के विश्वास में,

शिव को ना पाया जाए,

ऊँचे दिमागों से,

बंध जाते प्रेम के,

कच्चे ही धागों से,

जो प्रेम बढ़ाते है,

शिव उनके है,

जो शिव को ध्याते हैं,

शिव उनके है।।

जो शिव को ध्याते है,

शिव उनके है,

जो शिव में खो जाते है,

जो शिव में खो जाते है,

शिव उनके है,

जो शिव को ध्याते हैं,

॥ दोहा ॥

शिव उनके है।।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।