जो राम को लाए हैं हम उनको लाएंगे

कन्हैया मित्तल
श्री राम भजन भजन कन्हैया मित्तल
॥ दोहा ॥

राम नाम की लूट है, लूट सके तो लूट।
अंत काल पछताएगा, जब प्राण जाएंगे छूट॥

॥ चौपाई ॥

जो राम को लाए हैं, हम उनको लाएंगे।
भारत में फिर से हम, भगवा लहराएंगे॥
जो राम को लाए हैं, हम उनको लाएंगे॥

सैकड़ों वर्षों का सपना, आज हुआ साकार है।
भव्य बना मंदिर अयोध्या में, गूँजे जय जयकार है॥
राम लला के चरणों में, शीश नवाएंगे।
भारत में फिर से हम, भगवा लहराएंगे॥

त्याग और बलिदान का, ये पावन प्रतिफल आया।
प्रभु श्री राम का दिव्य धाम, सारे जग में छाया॥
राम राज की पावन ज्योति, घर-घर जलाएंगे।
भारत में फिर से हम, भगवा लहराएंगे॥

कन्हैया मित्तल गाए गीत, राम जी के सम्मान में।
जय श्री राम का नारा गूँजे, सारे हिन्दुस्तान में॥
जो राम को लाए हैं, हम उनको लाएंगे।
भारत में फिर से हम, भगवा लहराएंगे॥

॥ दोहा ॥

मंगल भवन अमंगल हारी, द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी।
कन्हैया मित्तल शरण में, जय जय राम मुरारी॥

सरल हिंदी भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व

कन्हैया मित्तल जी द्वारा गाया गया यह ऐतिहासिक राष्ट्रभक्ति एवं रामभक्ति का उद्घोष भजन है, जो अयोध्या में प्रभु श्री राम लला के भव्य मंदिर निर्माण और सनातन संस्कृति के जागरण का प्रतीक है।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।