जो राम का नहीं, किसी काम का नहीं

पारंपरिक
श्री राम भजन Bhajan Shri Ram Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

वो नमस्ते दुआ और,

सलाम का नहीं,

जो राम का नहीं,

किसी काम का नहीं ॥

दुनिया के लोग हमें,

कितना भी कोसे,

रहते है मस्त हम,

राम के भरोसे,

डर हमको किसी,

परिणाम का नहीं,

जो राम का नही,

किसी काम का नहीं ॥

राम जी के सेवक तो,

वो ही असल है,

जो राम से ही शीतल,

और राम से सरल है,

लोभ उसे रुतबे और,

नाम का नहीं,

जो राम का नही,

किसी काम का नहीं ॥

छोटी सी बात तुम्हे,

‘सोनू’ बताएं,

जो राम को रिझाए,

वही हनुमत को भाए,

राम के बिना वो,

हनुमान का नहीं,

जो राम का नही,

किसी काम का नहीं ॥

वो नमस्ते दुआ और,

सलाम का नहीं,

जो राम का नहीं,

॥ दोहा ॥

किसी काम का नहीं ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।