जो राम का नही , किसी काम का नही

पारंपरिक
श्री राम भजन Bhajan Shri Ram Bhajan
॥ दोहा ॥

जो राम का नही किसी काम का नही ॥

॥ चौपाई ॥

राजा राम सभी के उनकी ,

प्रजा है यहाँ सारी,

एक दूजे से राम-राम ,

कहके मिलते नर नारी

राम नाम अनमोल मिले ,

कही दाम का नही

जो राम का नही ,

किसी काम का नही ॥

धन्य अयोध्या नगरी जिसमें ,

हुआ राम अवतार,

नाच रहे भारत वासी ,

गया सदियो का इंतजार

सभी मगन है जीकर खास और आम का नही,

जो राम का नही ,

किसी काम का नही ॥

खत्म हुआ वनवास प्रभु का ,

अवध पूरी में आये,

सारे जग में मने दीवाली ,

हर कोई खुशी मनाये,

उत्सव में कुछ पता ,

सुबह और शाम का नही,

जो राम का नही ,

किसी काम का नही ॥

वेद पुराण ग्रंथ सारे ,

राम राम गुण गाते,

राम नाम जब मुख से बोले ,

सब संकट टल जाते,

भूलन कुछ भी बने ,

हाड़ और चाम का नही,

जो राम का नही ,

॥ दोहा ॥

किसी काम का नही ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।