जिसको जीवन में मिला सत्संग है

संत तुलसीदास
श्री कृष्ण भजन Bhajan Shri Ram Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

जिसके जीवन मैं मिला सत्संग हैं,

उसे हर घड़ी आनंद ही आनंद है ।

जिसे जीवन मैं मिला सत्संग हैं,

उसे हरदम आनंद ही आनंद है ।

जिसे जीवन मैं मिला सत्संग हैं,

उसे हरदम आनंद ही आनंद है ।

जिसका हरी से जुड़ा संबंध हैं,

उसे हर घड़ी आनंद ही आनंद है ।

जिसका हरी से जुड़ा संबंध हैं,

उसे हर घड़ी आनंद ही आनंद है ।

सूरदास मीरा कबीरा ने गया,

तुलसी नानक ने भी दर्शन पाया ।

सूरदास मीरा कबीरा ने गया,

तुलसी नानक ने भी दर्शन पाया ।

जिसके हृदय मे राम नाम बंद है,

जिसके हृदय मे राम नाम बंद है,

उसे हर घड़ी आनंद ही आनंद है ।

उसे हर घड़ी आनंद ही आनंद है ।

जिसके जीवन मैं मिला सत्संग हैं,

उसे हर घड़ी आनंद ही आनंद है ।

जिसका जीवन सच्चाई में ढाल गया,

उसके पापों का पर्वत भी ढाल गया,

उसके रोम रोम मे बस गोविंद ही गोविंद ।

संत और ऋषियो की वाणी को मानो,

तत्व क्या है जगत का ये मन मे पहचानो ।

जिसका चौरासी कट जाए फंद है

उसे हर घड़ी आनंद ही आनंद है ।

जिसे जीवन मैं मिला सत्संग हैं,

उसे हरदम आनंद ही आनंद है ।

जिसे जीवन मैं मिला सत्संग हैं,

उसे हरदम आनंद ही आनंद है ।

जिसे स्वर्ग जाने की इच्छा नहीं है

जिसे मुक्ति पाने की इच्छा नहीं है

उसे ही मिलता यहाँ परमानंद है

उसे हर घड़ी आनंद ही आनंद है ।

जिसे जीवन मैं मिला सत्संग हैं,

उसे हरदम आनंद ही आनंद है ।

जिसे जीवन मैं मिला सत्संग हैं,

उसे हरदम आनंद ही आनंद है ।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।