झूलन आयो रे नवल किशोर हिंडोले राधा संग

इंद्रेश जी महाराज
श्री कृष्ण भजन भजन इंद्रेश जी महाराज
॥ दोहा ॥

सावन आयो अति भलो, बरसत रिमझिम नीर।
इंद्रेश झूले कदम पर, राधा संग यदुवीर॥

॥ चौपाई ॥

झूलन आयो रे नवल किशोर, हिंडोले राधा संग।
बरसत प्रेम उमंग, छायो घटा घनघोर॥
झूलन आयो रे नवल किशोर॥

कदम की डार हिंडोला डारो, रेशम की है डोरी।
झूला झूले सांवरो, संग में वृषभानु किशोरी॥
सखियाँ गावें मल्हार सुहानी, नाचे मन का मोर।
झूलन आयो रे नवल किशोर॥

मंद सुगंध समीर चलत है, फुहारें सुखदाई।
श्याम सलोनी सूरत पे, राधा मुख मुसकाई॥
पीतांबर लहराय कान्हा को, ओढ़े चुनर झकोर।
झूलन आयो रे नवल किशोर॥

इंद्रेश कहे ये युगल झांकी, नयनों में बस जाए।
झूलन उत्सव जो भी देखे, जीवन धन्य बनाए॥
जय जय श्री राधे बरसाने, नंदलाल चितचोर।
झूलन आयो रे नवल किशोर॥

॥ दोहा ॥

हिंडोले झूलत युगल छबि, निरखत सुर नर मुनि।
इंद्रेश मगन भयो देख के, जय जय बांके धनी॥

सरल हिंदी भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व

वृंदावन में कदम वृक्ष की डाल पर रेशम के झूले में श्री राधा और नवल किशोर कन्हैया के सावन हिंडोला महोत्सव का आनंदमय गान।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।