जीण भवानी की दुनिया दीवानी है

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन Bhajan Maa Durga Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

जीण भवानी की दुनिया दीवानी है,

कलयुग में माँ की एक अजब कहानी है,

ऊँचे पर्वत बैठी जग महारानी है,

माँ से हम भक्तों की प्रीत पुराणी है,

जीण भवानी की दुनिया दीवानी है,

कलयुग में माँ की एक अजब कहानी है ।

घांघू गाँव में जन्मी मैया जीवन दाई है,

गंगो सिंह जी पिता हैं माता पारी के जाइ है,

हर्षनाथ की बहना वो कहलाई है,

पराशर कुल वंशों ने कृपा पाई है,

जीण भवानी की दुनिया दीवानी है,

कलयुग में माँ की एक अजब कहानी है ।

पर्वत ऊपर घोर तपस्या माँ ने ठानी है,

माँ की आँख के नीर की काजल शिखर कहानी है,

कलयुग अवतारी भवरों की रानी है,

कहते इनको गोरिया की सेठानी है,

जीण भवानी की दुनिया दीवानी है,

कलयुग में माँ की एक अजब कहानी है।

मुग़ल सेना ने मंदिर में जब करि चढ़ाई है,

लाखों भँवरे छोड़े माँ ने धुल चटाई है,

औरंगज़ेब ने माँ से हार ये मानी है,

इतिशा ने भी माँ की महिमा जानी है,

जीण भवानी की दुनिया दीवानी है,

कलयुग में माँ की एक अजब कहानी है ।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।