जय दुर्गे जय दुर्गे

पारंपरिक
श्री राम मंत्र Mantra Maa Durga Mantra
॥ पावन पाठ ॥

जय दुर्गे जय दुर्गे,

महिषविमर्दिनी जय दुर्गे ।

जय दुर्गे जय दुर्गे,

महिषविमर्दिनी जय दुर्गे ।

मंगलकारिणी जय दुर्गे,

जगज्जननी जय जय दुर्गे ।

मंगलकारिणी जय दुर्गे,

जगज्जननी जय जय दुर्गे ॥

वीणापाणिनी पुस्तकधारिणी,

अम्बा जय जय वाणी ।

जगदम्बा जय जय वाणी ॥

वीणापाणिनी पुस्तकधारिणी,

अम्बा जय जय वाणी ।

जगदम्बा जय जय वाणी ॥

वेदरूपिणी सामगायनी,

अम्बा जय जय वाणी ।

जगदम्बा जय जय वाणी ॥

वेदरूपिणी सामगायनी,

अम्बा जय जय वाणी ।

॥ दोहा ॥

जगदम्बा जय जय वाणी ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।