जय महेश जय महादेवा

पारंपरिक
महादेव भजन Bhajan Shiv Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

तेरे दर पे आ तो गया हूँ,

राह दिखा दे मुझको काबिल कर दे,

दुखियन पे किरपा करो करूँ तेरी सेवा,

जय महेश जय महादेवा,

जय महेश जय महादेवा ॥

आँख में आंसू लब पर तू है,

मेरा जो है मेरा सब कुछ तू है,

मेरी भी झोली भरो करूँ तेरी सेवा,

जय महेश जय महादेंवा,

जय महेश जय महादेंवा ॥

दुनिया ताने मार रही है,

दुखिया मुझको पुकार रही है,

दुःख मेरे दूर करो करूँ तेरी सेवा,

जय महेश जय महादेंवा,

जय महेश जय महादेंवा ॥

तेरे दर पे आ तो गया हूँ,

राह दिखा दे मुझको काबिल कर दे,

दुखियन पे किरपा करो करूँ तेरी सेवा,

जय महेश जय महादेवा,

॥ दोहा ॥

जय महेश जय महादेवा ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।