जय हो बाबा विश्वनाथ

पारंपरिक
महादेव भजन Bhajan Shiv Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

जय हो बाबा विश्वनाथ,

जय हो भोले शंकर,

सदाशिव आशुतोष,

सदाशिव आशुतोष,

दानी तू दिगम्बर,

जय हों बाबा विश्वनाथ,

जय हो भोले शंकर ॥

जिसने भी तुझको,

तन मन से पूजा,

सारे जगत में,

नाम उसका गूंजा,

बनके राजा राज करे,

बनके राजा राज करे,

भटके का दर दर,

जय हों बाबा विश्वनाथ,

जय हो भोले शंकर ॥

तेरे दर्शन से पाप,

कट जाते सारे,

मिल जाती खुशियां,

हो जाते वारे न्यारे,

अपने भक्तों को देते,

अपने भक्तों तुम,

देते मुंह माँगा वर,

जय हों बाबा विश्वनाथ,

जय हो भोले शंकर ॥

काल का भी भय नहीं,

भोले उसे सताता,

आपकी शरण में,

जो बाबा चला आता,

‘लख्खा’ और ‘रितेश’ भी,

‘लख्खा’ और ‘रितेश’ भी,

जपे बम बम हर हर,

जय हों बाबा विश्वनाथ,

जय हो भोले शंकर ॥

जय हो बाबा विश्वनाथ,

जय हो भोले शंकर,

सदाशिव आशुतोष,

सदाशिव आशुतोष,

दानी तू दिगम्बर,

जय हों बाबा विश्वनाथ,

॥ दोहा ॥

जय हो भोले शंकर ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।