जपूं नारायणी तेरो नाम

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन Bhajan Maa Durga Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

जपूँ नारायणी तेरो नाम,

राणीसती माँ झुँझनवाली,

राणीसती माँ झुँझनवाली,

सांचो तेरो धाम,

जपूं नारायणी तेरो नाम,

जपूं नारायणी तेरो नाम ॥

श्रद्धा के भाव से माँ,

करे जो तेरा पूजन,

वहां तू प्यार बहा दे,

जहाँ हो तेरा वंदन,

कितने तीरथ का फल देता,

कितने तीरथ का फल देता,

तेरा माँ एक नाम,

जपूं नारायणी तेरो नाम,

जपूं नारायणी तेरो नाम ॥

कभी भी इस जीवन में,

मुसीबत कैसी आए,

तेरे इस नाम से माँ,

करिश्मे हमने पाए,

इसीलिए तो नाम तुम्हारा,

इसीलिए तो नाम तुम्हारा,

जपते सुबहो शाम,

जपूं नारायणी तेरो नाम,

जपूं नारायणी तेरो नाम ॥

देखि सारे जग माहि,

तेरा मंदिर है निराला,

वो ही आवे यहाँ पे,

होवे जो किस्मत वाला,

‘अंकुश’ जो तेरे दर आए,

‘अंकुश’ जो तेरे दर आए,

जपूं नारायणी तेरो नाम,

जपूं नारायणी तेरो नाम ॥

जपूँ नारायणी तेरो नाम,

राणीसती माँ झुँझनवाली,

राणीसती माँ झुँझनवाली,

सांचो तेरो धाम,

जपूं नारायणी तेरो नाम,

जपूं नारायणी तेरो नाम ॥

दुर्गा चालीसा | आरती: जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी | आरती: अम्बे तू है जगदम्बे काली | महिषासुरमर्दिनि स्तोत्रम् | माता के भजन

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।