श्री जानकीनाथ जी की आरती

पारंपरिक
श्री राम आरती Aarti Shri Ram Aarti
॥ पावन पाठ ॥

ॐ जय जानकीनाथा,

जय श्री रघुनाथा ।

दोउ कर जोरें बिनवौं,

प्रभु! सुनिये बाता ॥ ॐ जय..॥

तुम रघुनाथ हमारे,

प्राण पिता माता ।

तुम ही सज्जन-संगी,

भक्ति मुक्ति दाता ॥ ॐ जय..॥

लख चौरासी काटो,

मेटो यम त्रासा ।

निशदिन प्रभु मोहि रखिये,

अपने ही पासा ॥ ॐ जय..॥

राम भरत लछिमन,

सँग शत्रुहन भैया ।

जगमग ज्योति विराजै,

शोभा अति लहिया ॥ ॐ जय..॥

हनुमत नाद बजावत,

नेवर झमकाता ।

स्वर्णथाल कर आरती,

करत कौशल्या माता ॥ ॐ जय..॥

सुभग मुकुट सिर, धनु सर,

कर शोभा भारी ।

मनीराम दर्शन करि,

पल-पल बलिहारी ॥ ॐ जय..॥

जय जानकिनाथा,

हो प्रभु जय श्री रघुनाथा ।

हो प्रभु जय सीता माता,

हो प्रभु जय लक्ष्मण भ्राता ॥ ॐ जय..॥

हो प्रभु जय चारौं भ्राता,

हो प्रभु जय हनुमत दासा ।

दोउ कर जोड़े विनवौं,

॥ दोहा ॥

प्रभु मेरी सुनो बाता ॥ ॐ जय..॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।