जय रघुनन्दन, जय सिया राम

संत तुलसीदास
श्री राम भजन Bhajan Shri Ram Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

जय रघुनन्दन, जय सिया राम ।

भजमन प्यारे, जय सिया राम ।

जय रघुनन्दन, जय सिया राम ।

भजमन प्यारे, जय सिया राम ।

आदि राम, अनंत है राम ।

सत चित और, अनंत है राम ।

जय रघुनन्दन, जय सिया राम ॥

हनुमान के स्वामी राम ।

दीनन के दुःख हारी राम ।

जय रघुनन्दन, जय सिया राम ॥

मर्यादा पुर्शोतम राम ।

पूरण ब्रम्ह सनातन राम ।

जय रघुनन्दन, जय सिया राम ॥

तुलसी सुत तुलसी के राम ।

करुना कर भक्तों के राम ।

जय रघुनन्दन, जय सिया राम ॥

जय सिया राम जय जय सिया राम

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।