जय माता दी बोल भगता, चिट्ठी माँ की आएगी

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन Bhajan Navratri Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

जय माता दी बोल भगता,

चिट्ठी माँ की आएगी,

जाग जगराते में,

माँ तेरे भाग्य जगाएगी,

दिल से जो पुकारेगा,

देर ना लगाएगी,

जाग जगराते में,

माँ तेरे भाग्य जगाएगी,

जय माता दीं बोल भगता ॥

इस ज्योत में वास माँ वैष्णो का,

देखे वो जो दास माँ वैष्णो का,

तू ज्योत से ज्योत मन की मिला ले,

फिर देख परकाश माँ वैष्णो का,

झोली मुरादों से भर जाएगी,

जय माता दीं बोल भगता,

चिट्ठी माँ की आएगी,

जाग जगराते में,

माँ तेरे भाग्य जगाएगी,

जय माता दीं बोल भगता ॥

हर साँस रंग ले तू मैया के रंग में,

गा माँ की भेंटे तू भक्तो के संग में,

तुझपे भी रहमत माँ बरसाएगी,

जय माता दीं बोल भगता,

चिट्ठी माँ की आएगी,

जाग जगराते में,

माँ तेरे भाग्य जगाएगी,

जय माता दीं बोल भगता ॥

एक रात दाती के अर्पण तू कर दे,

सर को झुका के समर्पण तू कर दे,

किस्मत सवेरे संवर जाएगी,

जय माता दीं बोल भगता,

चिट्ठी माँ की आएगी,

जाग जगराते में,

माँ तेरे भाग्य जगाएगी,

जय माता दीं बोल भगता ॥

‘संदीप’ एक दिप ऐसा जला ले,

जिसमे हो विश्वास वाले उजाले,

तुझ पे भी माँ की नजर जाएगी,

जय माता दीं बोल भगता,

चिट्ठी माँ की आएगी,

जाग जगराते में,

माँ तेरे भाग्य जगाएगी,

जय माता दीं बोल भगता ॥

जय माता दी बोल भगता,

चिट्ठी माँ की आएगी,

जाग जगराते में,

माँ तेरे भाग्य जगाएगी,

दिल से जो पुकारेगा,

देर ना लगाएगी,

जाग जगराते में,

माँ तेरे भाग्य जगाएगी,

जय माता दीं बोल भगता ॥

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इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।