जय महाकाली शेरावाली, सारे जग की तू रखवाली

पारंपरिक
महादेव भजन Bhajan Mata Rani Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

जय महाकाली शेरावाली,

सारे जग की तू रखवाली,

तेरे दर पे आने का सजदा करूँ,

तेरी याद माँ मुझको आने लगी,

जय महाकाली शेरोवाली,

सारे जग की तू रखवाली ॥

दूर दूर से सेवक तेरे,

दर पे तेरे आते है,

रोते रोते आते है और,

हँसते हँसते जाते है,

निशदिन नाम तेरा मैं भी जपूँ,

निशदिन नाम तेरा मैं भी जपूँ,

तेरी याद माँ मुझको आने लगी,

जय महाकाली शेरोवाली,

सारे जग की तू रखवाली ॥

मैंने सुना माँ शेरावाली,

झोली सबकी भरती है,

अपने भक्तों की महाकाली,

आशा पूरी करती है,

अपने मन की बात मैं कहने चला,

अपने मन की बात मैं कहने चला,

तेरी याद माँ मुझको आने लगी,

जय महाकाली शेरोवाली,

सारे जग की तू रखवाली ॥

तेरे पावन चरण छोड़ के,

और कहाँ मैं जाऊं माँ,

तेरी बाँहों में छुप जाऊं,

गोदी में सो जाऊं माँ,

तेरे मुखड़े को माँ तकता रहूं,

तेरे मुखड़े को माँ तकता रहूं,

तेरी याद माँ मुझको आने लगी,

जय महाकाली शेरोवाली,

सारे जग की तू रखवाली ॥

जय महाकाली शेरावाली,

सारे जग की तू रखवाली,

तेरे दर पे आने का सजदा करूँ,

तेरी याद माँ मुझको आने लगी,

जय महाकाली शेरोवाली,

सारे जग की तू रखवाली ॥

दुर्गा चालीसा | आरती: जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी | आरती: अम्बे तू है जगदम्बे काली | महिषासुरमर्दिनि स्तोत्रम् | माता के भजन

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।