जय महांकाल जय महांकाल

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन Bhajan Shiv Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

जय महाकाल जय महाकाल,

जय महांकाल जय महांकाल,

जो पाप ताप का हरता है,

जो युग परिवर्तन करता है,

माँ आदिशक्ति को साथ लिए,

जो बदल रहा है सृष्टि चाल,

जय महांकाल जय महांकाल,

जय महांकाल जय महांकाल ॥

जिसने सोतो को जगा दिया,

जागों को जिसने चला दिया,

चलतो को जिसने दौड़ाया,

निष्ठा को दी प्रेरक उछाल,

जय महांकाल जय महांकाल,

जय महांकाल जय महांकाल ॥

छल द्वेष दंभ को दूर करो,

सद्कर्मों का उत्थान करो,

सब भेद विषमता नष्ट करो,

है दुष्ट विनाशक महाज्वाल,

जय महांकाल जय महांकाल,

जय महांकाल जय महांकाल ॥

आओ देवत्व जगाने को,

धरती को स्वर्ग बनाने को,

अपनत्व सभी में विकसा दो,

है सज्जन के मानस मराल,

जय महांकाल जय महांकाल,

जय महांकाल जय महांकाल ॥

सद्भाव और सद्ज्ञान भरो,

सत्कर्मों का उत्थान करो,

प्रज्ञा प्रकाश जग में भरदो,

उज्जवल भविष्य की के मशाल,

जय महांकाल जय महांकाल,

जय महांकाल जय महांकाल ॥

तुम हो अनादि तुम ही अन्नत,

तुमसे प्रेरित यह दीगंदिगंत,

परिवर्तन के आधार तुम्ही,

तुमसे प्रेरित यह जग विशाल,

जय महांकाल जय महांकाल,

जय महांकाल जय महांकाल ॥

जय महाकाल जय महांकाल,

जय महांकाल जय महांकाल,

जो पाप ताप का हरता है,

जो युग परिवर्तन करता है,

माँ आदिशक्ति को साथ लिए,

जो बदल रहा है सृष्टि चाल,

जय महांकाल जय महांकाल,

॥ दोहा ॥

जय महांकाल जय महांकाल ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।