जय जय हों श्री गणेशा, किरपा करना हमेशा

पारंपरिक
श्री राम भजन Bhajan Vighneswaray Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

जय जय हो श्री गणेशा,

किरपा करना हमेशा ॥

दोहा – श्री गणेश पद वंद के,

धरऊ गुरु का ध्यान,

नारद शारद शेष महेश,

बंदऊ श्री भगवान।

श्री पति लक्ष्मी पति,

सीता पति श्री राम,

श्री गुरुदेव को मेरा,

बार बार प्रणाम ॥

जय जय हो श्री गणेशा,

किरपा करना हमेशा,

आए है तेरे दर पे गणेशा,

आए है तेरे दर पे,

काटो सकल कलेशा,

जय जय हों श्री गणेशा,

कृपा करना हमेशा ॥

हो सुख करता दुख हरता,

मंगल मूर्ति दाता,

हो विध्न विनाशक स्वामी,

सबका भाग्य विधाता,

दुनिया में सबसे पहले गणेशा,

होती है तेरी पूजा,

जय जय हों श्री गणेशा,

किरपा करना हमेशा ॥

अद्भुत है तेरी महिमा,

संत करे निज सेवा,

भोग लगे तुझे निस दिन,

मोदक लड्डू मेवा,

हर दम तुझे मैं गाऊं गणेशा,

वरदान देना ऐसा,

जय जय हों श्री गणेशा,

किरपा करना हमेशा ॥

जय जय हों श्री गणेशा,

किरपा करना हमेशा,

आए है तेरे दर पे गणेशा,

आए है तेरे दर पे,

काटो सकल कलेशा,

जय जय हों श्री गणेशा,

॥ दोहा ॥

किरपा करना हमेशा ॥

सरल हिंदी भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व

भजन: जय जय हों श्री गणेशा, किरपा करना हमेशा | Bhajan: Jai Jai Ho Shree Ganesha Kripa Karna Hamesha Ke Lyrics Hindi Aur English Main

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।