जय जय गौरी ललन

पारंपरिक
श्री गणेश भजन Bhajan Vighneswaray Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

जय जय गौरी ललन,

जय जय हो गजवदन,

एकदन्ता तेरा गा रहे है भजन,

गौरी नंदन तुम्हे घर में लाएंगे हम,

देवा मंदिर तुम्हारा सजाएंगे हम ॥

बेला चंपा चमेली गुलाब लिया,

चाँद तारों से आसन है तेरा सजा,

जय जय गोरी ललन,

जय जय हो गजवदन,

एकदन्ता तेरा गा रहे है भजन ॥

तेरी राहों में पलके बिछाएंगे हम,

दीप श्रद्धा का मन से जलाएंगे हम,

जय जय गोरी ललन,

जय जय हो गजवदन,

एकदन्ता तेरा गा रहे है भजन ॥

छोटे मूसे पे चढ़कर के आना प्रभु,

अपने भक्तो को दर्शन दिखाना प्रभु,

जय जय गोरी ललन,

जय जय हो गजवदन,

एकदन्ता तेरा गा रहे है भजन ॥

मैया गौरा के साथ आना प्रभु,

संग शिव भोलेनाथ को लाना प्रभु,

जय जय गोरी ललन,

जय जय हो गजवदन,

एकदन्ता तेरा गा रहे है भजन ॥

रिद्धि सिद्धि भी संग में आएगी जो,

जन्मो जन्मो के भाग्य जगाएंगी वो,

जय जय गोरी ललन,

जय जय हो गजवदन,

एकदन्ता तेरा गा रहे है भजन ॥

शिव गणो संग आरती गाऊंगा मैं,

तुम्हे मोदक का भोग लगाऊंगा मैं,

जय जय गोरी ललन,

जय जय हो गजवदन,

एकदन्ता तेरा गा रहे है भजन ॥

भक्त आकर के दर पे जयकार करे,

तेरे दर्शन पे भक्त बलिहार रहे,

जय जय गोरी ललन,

जय जय हो गजवदन,

एकदन्ता तेरा गा रहे है भजन ॥

तेरे गुण बप्पा ह्रदय से गाऊंगा मैं,

तुम्हे चन्दन का तिलक लगाऊंगा मैं,

जय जय गोरी ललन,

जय जय हो गजवदन,

एकदन्ता तेरा गा रहे है भजन ॥

जय जय गौरी ललन,

जय जय हो गजवदन,

एकदन्ता तेरा गा रहे है भजन,

गौरी नंदन तुम्हे घर में लाएंगे हम,

॥ दोहा ॥

देवा मंदिर तुम्हारा सजाएंगे हम ॥

सरल हिंदी भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व

भजन: जय जय गौरी ललन | Bhajan: Jai Jai Gouri Lalan Ke Lyrics Hindi Aur English Main

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।