जय जय गणपति गौरी नंदन

पारंपरिक
महादेव भजन Bhajan Vighneswaray Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

जय जय गणपति गौरी नंदन,

हम आए शरण तिहारी प्रभु,

तुम रिद्धि सिद्धि के हो दाता,

हम भक्तन पर बलिहारी प्रभु,

जय जय गणपति गौंरी नंदन,

हम आए शरण तिहारी प्रभु ॥

ब्रम्हा विष्णु शिव ध्यान धरे,

मिल देवता सब सम्मान करे,

हम करते है वंदन तेरा,

और आए शरण तिहारी प्रभु,

जय जय गणपति गौंरी नंदन,

हम आए शरण तिहारी प्रभु ॥

हम आस लगाए बैठे है,

तेरा ध्यान लगाए बैठे है,

भक्तन को सच की राह दिखा,

और सबको पार लगाना प्रभु,

जय जय गणपति गौंरी नंदन,

हम आए शरण तिहारी प्रभु ॥

शिव शंकर ने वरदान दिया,

तुम प्रथम ही पूजे जाओगे,

मैंने भी प्रथम तुम्हे पूजा है,

मुझे भव से पार लगाना प्रभु,

जय जय गणपति गौंरी नंदन,

हम आए शरण तिहारी प्रभु ॥

तीनों लोको में तुम जैसा,

दूजा कोई देव ना दानी है,

जो कोई लाये मुरादें प्रभु,

पूरी सब तुम कर देना प्रभु,

जय जय गणपति गौंरी नंदन,

हम आए शरण तिहारी प्रभु ॥

जय जय गणपति गौरी नंदन,

हम आए शरण तिहारी प्रभु,

तुम रिद्धि सिद्धि के हो दाता,

हम भक्तन पर बलिहारी प्रभु,

जय जय गणपति गौंरी नंदन,

॥ दोहा ॥

हम आए शरण तिहारी प्रभु ॥

सरल हिंदी भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व

भजन: जय जय गणपति गौरी नंदन | Bhajan: Jai Jai Ganpati Gauri Nandan Lyrics Hindi Aur English Main

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।