जय जगजननी माँ, भवानी मैय्या शारदा हो माँ

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन Bhajan Maa Durga Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

जय जगजननी माँ,

भवानी मैय्या शारदा हो माँ,

अंबे जगदंबे जगदंबिके,

जग की पालनहार,

भवानी मैय्या शारदा हो माँ,

जय जगजननी मां,

भवानी मैय्या शारदा हो माँ ॥

नवदुर्गा माँ मंगलकारी,

सिंहसवारी सब पे भारी,

शक्तिशाली अपार,

भवानी मैय्या,

ऊंची पहाडी पे द्वार,

भवानी मैय्या शारदा हो माँ,

जय जगजननी मां,

भवानी मैय्या शारदा हो माँ ॥

नवदुर्गे माँ नौरूप तेरे,

नौरंगी माँ नौरंग तेरे,

लिला अपरंपार,

ओ मैय्या तेरी,

महिमा अपरंपार,

भवानी मैय्या शारदा हो माँ,

जय जगजननी मां,

भवानी मैय्या शारदा हो माँ ॥

अश्विन चैत्र महिना आवे,

नौरात्री के नौ दिन आवे,

मेला लगे तेरे द्वार,

भवानी मैय्या,

भगत करे जयकार,

भवानी मैय्या शारदा हो माँ,

जय जगजननी मां,

भवानी मैय्या शारदा हो माँ ॥

भगतो की माँ सुनलो अरजीया,

दौडे दौडे आये मैय्या तेरी मढीयाँ,

धन के भरो भंडार,

भवानी मैय्या,

हरलो क्लेश विकार,

भवानी मैय्या शारदा हो माँ,

जय जगजननी मां,

भवानी मैय्या शारदा हो माँ ॥

जय जगजननी माँ,

भवानी मैय्या शारदा हो माँ,

अंबे जगदंबे जगदंबिके,

जग की पालनहार,

भवानी मैय्या शारदा हो माँ,

जय जगजननी मां,

भवानी मैय्या शारदा हो माँ ॥

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इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।