जय हो जय हो तुम्हारी जी बजरंग बली

संत सूरदास
श्री राम भजन Bhajan Hanuman Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

जय हो जय हो तुम्हारी जी बजरंग बली

लेके शिव रूप आना गजब हो गया

त्रेतायुग में थे तुम आये द्वापर में भी

तेरा कलयुग में आना गजब गो गया ॥

बचपन की कहानी निराली बड़ी

जब लगी भूख हनुमत मचलने लगे

फल समझ कर उड़े आप आकाश में

तेरा सूरज को खाना गजब हो गया ॥

कूदे लंका में जब मच गयी खलबली

मारे चुनचुन कर असुरो को बजरंगबली

मारडाले अच्छो को पटककर वही

तेरा लंका जलाना गजब हो गया ॥

आके शक्ति लगी जो लखनलाल को

राम जी देख रोये लखनलाल को

लेके संजीवन बूटी पवन वेग से

पूरा पर्वत उठाना गजब हो गया ॥

जब विभीषण संग बैठे थे श्री राम जी

और चरनो में हाजिर थे हनुमान जी

सुन के ताना विभीषण का अंजनी के लाल

फाड़ सीना दिखाना गजब हो गया ॥

जय हो जय हो तुम्हारी जी बजरंग बली

लेके शिव रूप आना गजब हो गया

त्रेतायुग में थे तुम आये द्वापर में भी

॥ दोहा ॥

तेरा कलयुग में आना गजब गो गया ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।