जगन्नाथ भगवान जी का भजन

पारंपरिक
अन्य भजन Bhajan Jagannath Bhajan Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

जगन्नाथ जगन्नाथ जगन्नाथ जगन्नाथ

चारों धाम में सबसे बड़ा है ,जगन्नाथ धाम

जगन्नाथ भगवान की, महिमा अपरम्पार

भक्तों को दर्शन देते,करते उनके काम।

कर लो भक्तों ,जगन्नाथ का ध्यान बारंबार।

जगन्नाथ जगन्नाथ जगन्नाथ जगन्नाथ

भज लो रे भक्तों जगन्नाथ को

तर जाओगे भव सागर पार।

तन मन जीवन अर्पण कर दो

प्रभु की , लीला अपरम्पार।

जगन्नाथ जगन्नाथ जगन्नाथ जगन्नाथ

सात पुरियों में एक है ,जगन्नाथ पुरी धाम

जगन्नाथ के भात को ,जगत पसारे हाथ।

करलो भक्तों महाप्रभु के ,दर्शन बारंबार

जहां विराजे जगन्नाथ ,बलभद्र ,सुभद्रा साथ।

जगन्नाथ जगन्नाथ जगन्नाथ जगन्नाथ

सरल हिंदी भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व

चारों धाम में सबसे बड़ा है ,जगन्नाथ धाम, जगन्नाथ भगवान की, महिमा अपरम्पार, भक्तों को दर्शन देते,करते उनके काम। Charon Dham Mein Sabse Bada Hai ,jagannath Dham, Jagannath Bhagwan Ki, Mahima Aparampar, Bhakton Ko Darshan Dete,karte Unke Kaam ।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।