जगन्नाथ दास

पारंपरिक
श्री कृष्ण संत साहित्य Bhakt Jagannatha Dasa Bhakt
॥ पावन पाठ ॥

भक्तमाल | जगन्नाथ दास

वास्तविक नाम - अतिबडि जगन्नाथ दास

आराध्य - जगन्नाथ भगवान

जन्मतिथि - 19 अक्टूबर 1490 राधाष्टमी

जन्म स्थान - कपिलेश्वरपुर, पुरी, भारत

भाषा: संस्कृत, उड़िया

पिता - भगवान दास

माता - पद्मावती देबी

संस्थापक - अतिबडि सम्प्रदाय

प्रसिद्ध - उड़िया भागवत पुराण

जगन्नाथ दास, ओडिशा के एक महान संत, कवि और दार्शनिक थे, जो ओडिया भक्ति साहित्य के "पंच सखाओं" (पाँच मित्रों) में से एक थे। उनकी रचनाओं और भगवान जगन्नाथ के प्रति भक्ति ने ओडिया आध्यात्मिकता और संस्कृति को गहराई से प्रभावित किया।

बचपन से ही, वे आध्यात्मिक रूप से प्रवृत्त थे और जगन्नाथ धाम भगवान जगन्नाथ के प्रति उनकी गहरी श्रद्धा थी। वे ओडिशा के पाँच प्रमुख भक्ति कवियों में से एक थे: बलराम दास, अनंत दास, अच्युतानंद दास, यशोवंत दास और जगन्नाथ दास। इन सभी ने मिलकर ओडिया भाषा में भक्ति आंदोलन के आदर्शों का प्रसार किया। उन्हें ओडिया भागवत साहित्य का आदि कवि माना जाता है।

संतो की वाणी के अनुसार उनका सबसे बड़ा योगदान ओडिया भागवत (जिसे जगन्नाथ दास की भागवत भी कहा जाता है) है, जो संस्कृत भागवत पुराण का अनुवाद और भक्तिमय प्रस्तुतिकरण है। जगन्नाथ दास को एक महान ओडिया संत और भगवान जगन्नाथ के प्रेम के दूत के रूप में याद किया जाता है।

सरल हिंदी भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व

जगन्नाथ दास | Jagannatha Dasa

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।