जगन्‍नाथ चक्‍का नैन नीलाचल वारे

पारंपरिक
अन्य भजन Bhajan Jagannath Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

जगन्‍नाथ चक्‍का नैन नीलाचल वारे

जगन्नाथ, जगन्नाथ, चका नैन, चका नैन

नीलाचल वारे, तू ना संभाले तो हमें कौन संभाले

तू ना संभाले तो हमें कौन संभाले

मेरी ये नैया है अब तो तेरे हवाले

तू ना संभाले तो हमें कौन संभाले,

जगन्नाथ...

संतो की वाणी लिरिक्स

तुझे छोड़ जाऊं मैं अब किस किसके द्वारे,

तुझे छोड़ जाऊं मैं अब किस किसके द्वारे,

नीलाचल वारे, तू ना संभाले तो हमें कौन संभाले

तू ना संभाले तो हमें कौन संभाले,

जगन्नाथ...

जगन्नाथ स्वामी मेरे नैन के तारे,

मेरे सारे काज स्वामी आप ही संवारे,

तू ना संभाले तो हमें कौन संभाले,

नीलाचल वारे, तू ना संभाले तो हमें कौन संभाले,

जगन्नाथ...

शरण तेरी पड़ा रहूं दास बनाले,

तेरी ही सेवा करूं जो चाहे कराले,

तू ना संभाले तो हमें कौन संभाले,

नीलाचल वारे, तू ना संभाले तो हमें कौन संभाले,

जगन्नाथ...

जगन्नाथ स्वामी की जय!

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।