राम भजन - जग गयी, जग गयी, राम ज्योती जग गयी (Ram Bhajan - Jag Gayi, Jag Gayi, Ram Jyoti Jag Gayi)

पारंपरिक
श्री राम भजन Bhajan Ayodhya Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

प्रकाश जग मे हुआ अंधकार मिट गया

राम कि कृपा हुई आरम्भ राम युग हुआ

प्रकाश जग मे हुआ अंधकार मिट गया

राम कि कृपा हुई आरम्भ राम युग हुआ

धन्यवाद भाव से तिनो लोक भर गये

राम राम जप जप युग सारे तर गये

राम जी का आगमन अयोध्या सारी सज गयी

जग गयी जग गयी

राम ज्योती जग गयी

जग गयी जग गयी

राम ज्योती जग गयी

राम नाम मे मगन ध्यान सुरती लग गयी

जग गयी जग गयी

राम ज्योती जग गयी

जग गयी जग गयी

राम ज्योती जग गयी

जग गये जन जन

हुआ राम मय मन मन

पल पल क्षण क्षण

तन मन अर्पण

विधी का विधान देखो हुआ राम आगमन

पुण्य से प्रारब्ध से हो रहा... युग परिवर्तन

राम नाम मे मगन ध्यान सुरती लग गयी

जग गयी जग गयी

राम ज्योती जग गयी

जग गयी जग गयी

राम ज्योती जग गयी

प्रकाश जग मे हुआ अंधकार मिट गया

राम कि कृपा हुई आरम्भ राम युग हुआ

धन्यवाद भाव से तिनो लोक भार गये

राम राम जप जप युग सारे तर गये

राम जी का आगमन अयोध्या सारी सज गयी

जग गयी जग गयी

राम ज्योती जग गयी

जग गयी जग गयी

राम ज्योती जग गयी

राम नाम मे मगन ध्यान सुरती लग गयी

जग गयी जग गयी

राम ज्योती जग गयी

जग गयी जग गयी

राम ज्योती जग गयी

जग गयी जग गयी

राम ज्योती जग गयी

जग गयी जग गयी

राम ज्योती जग गयी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।