जब जिद पे आ गई पार्वती - शिव गौरा भजन

पारंपरिक
महादेव भजन Bhajan Maa Parvati Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

ॐ शंभू, शिव शंभू! भोलेनाथ!

जब जिद पे आ गई पार्वती,

पार्वती, पार्वती

समझाने पहुँचे सप्तऋषि

सप्तऋषि, सप्तऋषि

काय जिद कर-रही

काय को हुमर-रही

काय जिद कर-रही

काय को हुमर-रही

ऐसे वर के लाने

ऐसे वर के लाने

जाके सीस पे गंगा और गले में

डाले फिर रहे साँप

जाके सीस पे गंगा और गले में

डाले फिर रहे साँप

इतने सीधे-सादे हैं सब कहते

भोलेनाथ, भोलेनाथ

सब कहते, भोलेनाथ

जाके सीस पे गंगा और गले में

डाले फिर रहे साँप

जाके सीस पे गंगा और गले में

डाले फिर रहे साँप

इतने सीधे-सादे हैं सब कहते

भोलेनाथ, भोलेनाथ

ना खपरा ना छपरा

ना फूस की धरे मड़ैया

का खावे को धरो वहाँ

बस रोवत रहत लड़ैयाँ

ना खपरा ना छपरा

ना फूस की धरे मड़ैया

का खावे को धरो वहाँ

बस रोवत रहत लड़ैयाँ

भेष धरे अवधूत फिरे

अब तुमसे का का कहे बिन्नूं

डोरा डाँगर ले घूमे

वे बिनकें कछुऐनैयाँ

वे बिनकें कछुऐनैयाँ

काय जिद कर-रही

काय को हुमर-रही

काय जिद कर-रही

काय को हुमर-रही

ऐसे वर के लाने

ऐसे वर के लाने

जाके सीस पे गंगा और गले में

डाले फिर रहे साँप

जाके सीस पे गंगा और गले में

डाले फिर रहे साँप

इतने सीधे-सादे हैं सब कहते

भोलेनाथ, भोलेनाथ

सब कहते, भोलेनाथ

जाके सीस पे गंगा और गले में

डाले फिर रहे साँप

जाके सीस पे गंगा और गले में

डाले फिर रहे साँप

इतने सीधे-सादे हैं सब कहते

भोलेनाथ, भोलेनाथ

शंभू, शिव शंभू ! भोलेनाथ !

जटा लटा ना कबहूँ सँबारे

दीसत महा भयंकर

मुड़ें पे आधी चंदा और

बेला पे घूमत शंकर

जटा लटा ना कबहूँ सँबारे

दीसत महा भयंकर

मुड़ें पे आधी चंदा और

बेला पे घूमत शंकर

राम नाम के रसिया हैं वे

और उन्हें क्या चाहने

कामदेव के मर्दनहारी

घर-गुहस्थी क्या जानें

वे घर-गुहस्थी क्या जानें

काय जिद कर-रही

काय को हुमर-रही

काय जिद कर-रही

काय को हुमर-रही

ऐसे वर के लाने

ऐसे वर के लाने

जाके सीस पे गंगा और गले में

डाले फिर रहे साँप

जाके सीस पे गंगा और गले में

डाले फिर रहे साँप

इतने सीधे-सादे हैं सब कहते

भोलेनाथ, भोलेनाथ

सब कहते, भोलेनाथ

जाके सीस पे गंगा और गले में

डाले फिर रहे साँप

जाके सीस पे गंगा और गले में

डाले फिर रहे साँप

इतने सीधे-सादे हैं सब कहते

भोलेनाथ, भोलेनाथ

[Santo Ki Vani Lyrics]

भोले बमभोले! भोले बमभोले!

भोले बमभोले! भोले बमभोले!

भोले बमभोले! भोले बमभोले!

Movie: Hanuman Ansh (2026)

Composer / Singer: Sadhu Tiwari

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।