इन्द्र देव गायत्री मन्त्र

पारंपरिक
अन्य मंत्र Mantra Indra Dev Gayatri Mantra Mantra
॥ दोहा ॥

॥ इन्द्र देव गायत्री मन्त्र ॥

॥ चौपाई ॥

ॐ सहस्त्रनेत्राय विद्महे वज्रहस्ताय धीमहि।

तन्नो इन्द्रः प्रचोदयात्॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।