॥ दोहा ॥
तुम ही हो माता पिता हमारे, तुम ही हो बंधु सखा हमारे।
प्रभु जी तुम्हारे चरणन की छाया, जीवन धन्य करे हमारे॥
॥ चौपाई ॥
हम तुम्हारे थे प्रभु जी, हम तुम्हारे हैं।
हम तुम्हारे ही रहेंगे, ओ मेरे प्रियतम॥
तूने दिया ये जीवन हमको, तूने दिया संसार।
तेरे नाम पे न्योछावर है, मेरा तन मन प्यार॥
कभी न छोड़ना हाथ हमारा, हे गिरधर गोपाल।
हम तुम्हारे थे प्रभु जी, हम तुम्हारे हैं॥
॥ दोहा ॥
प्रभु चरनन की प्रीति ही, जीवन को आधार।
साध्वी पूर्णिमा विनवे, नमो नमो करतार॥