हम सांस ले रहे है, इस जान की बदौलत

संत सूरदास
श्री राम भजन Bhajan Shri Ram Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

हम सांस ले रहे है,

इस जान की बदौलत,

और जान जिस्म में है,

श्री राम की बदौलत

हम सांस ले रहे हैं,

इस जान की बदौलत ॥

श्री राम नाम जप के,

लंका से जीत आए,

हनुमान सिद्धि पा गए,

हरि नाम की बदौलत,

हम सांस ले रहे हैं,

इस जान की बदौलत ॥

कुछ पुण्य हो रहा है जो,

सूरज निकल रहा है,

धरती थमी है सदियों से,

इंसान की बदौलत,

हम सांस ले रहे हैं,

इस जान की बदौलत ॥

‘फणि’ गर्व हो रहा है,

विज्ञान की बदौलत,

विज्ञान का वजूद है,

भगवान की बदौलत,

हम सांस ले रहे हैं,

इस जान की बदौलत ॥

मेरे लिए अतिथि,

भगवान के बराबर,

सर करते है न्यौछावर,

मेहमान के बदौलत,

हम सांस ले रहे हैं,

इस जान की बदौलत ॥

लब पे हंसी नहीं तो,

जीना भी है क्या जीना,

पहचान है जहाँ में,

मुस्कान की बदौलत,

हम सांस ले रहे हैं,

इस जान की बदौलत ॥

हम सांस ले रहे है,

इस जान की बदौलत,

और जान जिस्म में है,

श्री राम की बदौलत

हम सांस ले रहे हैं,

॥ दोहा ॥

इस जान की बदौलत ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।