हम कथा सुनाते राम सकल गुण धाम की

रामानंद सागर / वाल्मीकि रामायण
श्री राम भजन भजन राम
॥ दोहा ॥

हम कथा सुनाते राम सकल गुण धाम की।
ये रामायण है पुण्य कथा श्री राम की॥

॥ चौपाई ॥

हम कथा सुनाते राम सकल गुण धाम की।
ये रामायण है पुण्य कथा श्री राम की॥

जम्बूद्वीपे भरतखंडे आर्यावर्ते भारतवर्षे।
एक नगरी है विख्यात अयोध्या नाम की॥
यहीं जन्म लिए रघुकुल शिरोमणि राम जी।
ये रामायण है पुण्य कथा श्री राम की॥

गुरु वशिष्ठ के आश्रम जाकर विद्या पाई।
ताड़का मारी मुनि विश्वामित्र सहाय॥
जनकपुरी में धनुष तोड़ा सिया ब्याही।
ये रामायण है पुण्य कथा श्री राम की॥

तात वचन मानि वन को सिधारे।
शबरी के जूठे बेर प्रभु प्रेम से सुधारे॥
रावण संहारी सीता मुक्त कराई।
ये रामायण है पुण्य कथा श्री राम की॥

॥ दोहा ॥

धर्म की जय हो, अधर्म का नाश हो।
प्राणियों में सद्भावना हो, विश्व का कल्याण हो॥

सरल हिंदी भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व

श्री वाल्मीकि रामायण और उत्तर रामायण में लव-कुश द्वारा अयोध्या की राजसभा में गाई गई संपूर्ण रामायण की मधुर अमृत कथा।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।