हम हाथ उठा कर कहते है हम हो गए खाटू वाले के

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन Bhajan Shri Krishna Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

हम हाथ उठा कर कहते है,

हम हो गए खाटू वाले के,

हम शीश झुका कर कहते है,

हम हो गए खाटू वाले के ॥

मुझे कहने में संकोच नहीं,

मेरा दाता कोई और नहीं,

हम सबके सामने कहते है,

हम हो गए खाटू वाले के,

हम हाथ उठा कर कहतें है ॥

सारे बंधन को छोड़ दिया,

बस तुमसे नाता जोड़ लिया,

सर ऊँचा करके कहते है,

हम हो गए खाटू वाले के,

हम हाथ उठा कर कहतें है ॥

पागल कह दो मंजूर मुझे,

चाहे कह दो मगरूर मुझे,

हम ढोल पीटकर कहते है,

हम हो गए खाटू वाले के,

हम हाथ उठा कर कहतें है ॥

अब भले बुरे का होश नहीं,

कहता है ‘पवन’ अफसोस नहीं,

हम सीना तानके कहते है,

हम हो गए खाटू वाले के,

हम हाथ उठा कर कहतें है ॥

हम हाथ उठा कर कहते है,

हम हो गए खाटू वाले के,

हम शीश झुका कर कहते है,

॥ दोहा ॥

हम हो गए खाटू वाले के ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।