हम आये है तेरे द्वार, गिरजा के ललना

पारंपरिक
श्री गणेश भजन Bhajan Vighneswaray Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

हम आये है तेरे द्वार,

गिरजा के ललना,

हो देवो के सरदार,

गिरजा के ललना,

करने दीदार दीदार दीदार,

दीदार गिरजा के ललना,

अरे दे ताली दे ताली नाचे रे,

सब भक्त तेरे अंगना,

हम आये हैं तेरे द्वार,

गिरजा के ललना ॥

लंबोदर गजबदन गजानन,

लाये खुशहाली,

महक उठे वन उपवन खेतन,

आई हरियाली,

अरे झूम झूम के भगता तेरी,

करते वंदना,

अरे दे ताली दे ताली नाचे रे,

सब भक्त तेरे अंगना,

हम आये हैं तेरे द्वार,

गिरजा के ललना ॥

तीजा रही उपासी गौरा,

सह के कठिन कलेश,

लगत चौथ चंदा के नाईं,

पूजे गौर गणेश,

अरे लालन बनके महा शक्ति के,

झूले झूलना,

अरे दे ताली दे ताली नाचे रे,

सब भक्त तेरे अंगना,

हम आये हैं तेरे द्वार,

गिरजा के ललना ॥

घर घर मे तुम आये गणपति,

हो रही जय जयकार,

ये ‘बेनाम’ खड़ा कर जोरे,

ले फूलन के हार,

अपने इस ‘संदीप’ को गणपति,

दाता न भूलना,

अरे दे ताली दे ताली नाचे रे,

सब भक्त तेरे अंगना,

हम आये हैं तेरे द्वार,

गिरजा के ललना ॥

हम आये है तेरे द्वार,

गिरजा के ललना,

हो देवो के सरदार,

गिरजा के ललना,

करने दीदार दीदार दीदार,

दीदार गिरजा के ललना,

अरे दे ताली दे ताली नाचे रे,

सब भक्त तेरे अंगना,

हम आये हैं तेरे द्वार,

॥ दोहा ॥

गिरजा के ललना ॥

सरल हिंदी भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व

भजन: हम आये है तेरे द्वार, गिरजा के ललना | Bhajan: Hum Aaye Hai Tere Dwar Girija Ke Lalna Lyrics Hindi Aur English Main

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।